खुली बैठक में कुटुम्ब रजिस्टर के विवादित मामलों पर हुई गहन पड़ताल - Tahkikat News

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Monday, 17 August 2026

खुली बैठक में कुटुम्ब रजिस्टर के विवादित मामलों पर हुई गहन पड़ताल

रिपोर्ट - कमलेश कुमार मोतीराम अड्डा गोरखपुर 

मोतीराम अड्डा गोरखपुर। विकास खंड खोराबार के रामपुर (रा) गांव स्थित पंचायत भवन में ग्राम सभा की खुली बैठक आयोजित कर कुटुम्ब रजिस्टर में दर्ज नामों को लेकर सामने आए विवादित मामलों की पड़ताल की गई। बैठक की अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी अरविंद सिंह ने की। खंड विकास अधिकारी मोहम्मद आसिफ अख्लाक ने भी मौजूद रहकर संबंधित लोगों और ग्रामीणों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की।
बैठक में प्रशासक ग्राम प्रधान लालबचन निषाद, ग्राम सभा के सदस्य, बुजुर्ग महिला-पुरुष, नवयुवक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। विकास खंड से बृजमोहन राय, प्रसून मिश्रा उमेश त्रिपाठी अभय श्रीवास्तव, धीरज मणि, गोविंद कुमार, गरिमा सिंह, पूर्णिमा यादव समेत सफाईकर्मी भी उपस्थित रहे।
कुटुम्ब रजिस्टर में नाम संशोधन के लिए तीन प्रार्थना पत्र दिए गए थे। इनमें रामपुर पड़ाव टोला निवासी कौशल्या पत्नी शिवशंकर ने शिकायत की थी कि मुन्नी, बदामी, सुदामी और मीरा का नाम रामकिशुन पुत्र सहती के परिवार में दर्ज किया जाना चाहिए। आरोप था कि इन चारों का नाम गलती से उनके पिता की पुत्रियों के रूप में दर्ज हो गया है। बैठक में मौजूद ग्रामीणों से इस संबंध में जानकारी ली गई। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त चारों रामकिशुन की पुत्रियां हैं, जबकि टीमल की केवल एक पुत्री कौशल्या है।

दूसरे प्रकरण में रामपुर निवासी संतोष ने कुटुम्ब रजिस्टर में पिता के नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनके अनुसार उनके पिता का नाम हीरा है, जबकि अभिलेख में झिनकू का नाम दर्ज है। ग्रामीणों से पूछताछ में सामने आया कि संतोष के पिता हीरा की मृत्यु संतोष के जन्म से पहले हो गई थी। इसके बाद उनकी मां अमलावती ने झिनकू से विवाह किया था। इसी पारिवारिक परिस्थिति के कारण अभिलेख में पिता के नाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।

तीसरे प्रार्थना पत्र जो लफिना पत्नी रामकेश द्वारा दिया गया था की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से समाधान नहीं हो सका।

बताया गया कि उक्त मामले लंबे समय से लंबित थे और पूर्व में भी इनके समाधान का प्रयास किया गया था। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए ग्राम सभा की खुली बैठक की मुनादी कराकर ग्रामीणों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। बैठक में ग्रामीणों के समक्ष संबंधित पक्षों की बात सुनी गई और उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रकरणों की बारीकी से जांच-पड़ताल की गई। खुली बैठक में हुई पूछताछ से कुटुम्ब रजिस्टर में दर्ज पारिवारिक विवरण से जुड़े मामलों को स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।

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