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Tuesday, 4 September 2018

भावनात्मक रूप से पहाड़ से जुड़ाव -अखिलेश यादव

   


लखनऊ -महेन्द्र मिश्रा 

 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्रीअखिलेश यादव ने,उत्तराखण्ड के भ्रमण पर रहे। उनके साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं उत्तराखण्ड प्रभारी राजेन्द्र चौधरी और पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया, विधायक उदयवीर सिंह एवं जावेद आब्दी भी थे।

उनकी इस यात्रा से न केवल समाजवादी अपितु राजनीति में रूचि रखने वाले दूसरे तमाम बुद्धिजीवी, राजनीतिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी बहुत उत्साहित थे और उनसे भेंट वार्ता के लिए उत्सुक थे।अखिलेश यादव से भेंट करने वालों में जैन समाज, बंगाली समाज, सिख समाज के तमाम प्रमुख व्यक्ति थे। जैन स्थानक प्रधान  प्रवीन जैन, मंत्री  कमल जैन,  राज कुमार जैन, जैनसभा रूद्रपुर (उत्तराखण्ड) के एस.एस. जैन भी उनके साथ थे। पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी उनसे मिलने आए थे। कई लोगों ने बहुत श्रद्धापूर्वक गंगाजल, भगवान श्री बद्रीनाथ जी का चित्र और अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई अखिलेश यादव को भेंट की।
    अखिलेश यादव का उत्तराखण्ड में भव्य स्वागत हुआ। लोगों की भीड़ उनसे मिलने उमड़ पड़ी। दूर-दूर से आए युवा जयकारों के नारे लगा रहे थे। उसे देखते हुए निश्चित ही कहा जा सकता है कि उत्तराखण्ड में अपने दो दिन के प्रवास में ही  अखिलेश यादव ने एक नई इबारत लिख दी है। इस यात्रा से यह भी दिखाई दिया कि उत्तराखण्ड भी अखिलेश यादव को उनकी नई शालीन तथा बेदाग छवि के साथ स्वीकार करने में हिचक नहीं रहा है। रूद्रपुर में  अखिलेश यादव को सुनने के लिए विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। जाहिर है उत्तराखण्ड अब समाजवादी झंडा लहराने को उद्यत है।



       तराई, मैदानी और पर्वतीय तीन अंचलों का संगम उत्तराखण्ड हरिद्वार से हिमालय पर्वत तक उत्तराखण्ड का विस्तार है। इसके गढ़वाल मण्डल में पौड़ी, टिहरी, देहरादून, चमोली, हरिद्वार, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी हैं जबकि कुमांऊ मण्डल में  नैनीताल, बागेश्वर, चीन का सीमावर्ती पिथौरागढ़, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर, जनपद आते हैं। पांडवों का हिमालय पर प्रस्थान स्थल भी उत्तराखण्ड में ही हैं। अल्मोड़ा जहां के कारागार में पं0 जवाहर लाल नेहरू कैद रहे वहीं नैनीताल में पं0 गोविन्द बल्लभ पंत का निवास है। इनके अलावा एच.एन. बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी भी पहाड़ के हैं किन्तु आजादी के आंदोलन में ये मुख्यतः इलाहाबाद में सक्रिय रहे। कौसानी में सन् 1929 में गांधी जी जिला परिषद के डाक बंगले पर रूकेे थे। वहीं उन्होंने 14 दिनों तक रूक कर गीता के अनासक्तियोग पर अपने विचार लिखे थे। उस डाक बंगले का नाम अब अनासक्ति योग आश्रम हो गया है। प्रख्यात कवियित्री महादेवी वर्मा जी ने रामगढ़ में भी अपना निवास स्थल बनाया था। यहां साहित्यकारों का आना जाना रहता था।
     उत्तराखण्ड के लाखा मंडप में जौनसार बाबर क्षेत्र प्रसिद्ध है जिसके बारे में कई दंत कथाएं प्रचलित हैं। यहां पांडवों को जलाने के लिए लाक्षागृह का कौरवों ने निर्माण कराया था। मुख्यतः यह जनजाति क्षेत्र है। जौनसार में पांडव वंशज और बावर क्षेत्र में दुर्योधन के वंशज बताए जाते हैं। यमुना और मध्य बसे इस क्षेत्र में महमूद गजनवी ने 1757 में और रोहिल्ला सरदार नजीबउल्लाह के पोते गुलाम कादिर ने 1786 में लूट पाट की थी। अभी भी यहां खेतों में जब तब शिवलिंग, मूर्तियां आदि पुरातात्विक महत्व की चीजें मिल जाती है। चकराता के पहले कालसी भी यमुना नदी के तट पर बसा है, यहां सम्राट अशोक का एक शिलालेश आज भी सुरक्षित है।   
     
रूद्रपुर में  अखिलेश यादव ने पत्रकारों से वार्ता की। बड़ी संख्या में पत्रकारों की मौजूदगी बता रही थी कि अब  अखिलेश यादव का आभा मंडल उत्तर प्रदेश की सीमाओं को लांघ कर राष्ट्रव्यापी आकार ले रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के विस्तार के लिए यहां अनुकूल वातावरण दिखाई दिया। समाजवादी पार्टी अब जमींन, संगठन से लेकर सदन तक दिखाई देगी। राज्य में पार्टी सिंबल साइकिल पर निकाय चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। अब उत्तराखण्ड पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भावनात्मक रूप से पहाड़ से जुड़ाव जताते हुए उन्होंने पुराने रिश्तों की बात की एक उल्लेखनीय बात यह रही कि राष्ट्रीय अध्यक्ष  के रूद्रपुर पहुंचने पर कार्यकर्ता गजब के उत्साह से भर उठे। गुलाब का फूल लिए नवयुवक बड़ी संख्या में उनका इंतजार कर रहे थे। जनसैलाब ऐसा था कि जब वे पंत नगर एयरपोर्ट से चले तो उनकी फ्लीट ही रास्ते में फंस गई। एयर/एयरपोर्ट से रूद्रपुर तक 25 किलोमीटर की यात्रा में हर तरफ उनके स्वागत के लिए घंटों से लोग खड़े रहे। कार्यकर्ताओं में उनके साथ सेल्फी लेने की भी होड़ हो गई। उन्हें पंचवटी, परिजात, रूद्राक्ष के पौधे भेंट किए गए।

        अखिलेश यादव पहाड़ में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने पहुंचे थे इसलिए उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासनकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं और नोटबंदी के नुकसान, बेकारी, मंहगाई के मुद्दे भी जोरदार ढंग से उठाए। उन्होंने युवाओं से समाजवादी आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।

       जनपद ऊधमसिंह नगर, रूद्रपुर में अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में उŸाराखण्ड के लोगों पर भरोसा जताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में समाजवादी पार्टी तीसरी ताकत बनना चाहती है। दो दिनों तक कार्यकर्ताओं से भेंट के पश्चात् यह धारणा मजबूत हुई है कि लोकसभा के बाद विधानसभा का चुनाव पूरी ताकत से लड़ा जाएगा।

        अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों ने केन्द्र और राज्य में भाजपा की दोनों सरकारें देख ली लेकिन यहां की समस्याएं लगातार बढ़ रही है। अच्छे दिन का सपना देखते -देखते लोग निराश हो गए है। नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है। जीएसटी से रोजगार चला गया। भाजपा की आर्थिक कुनीतियों के चलते बैंक घाटे में हो गए है। आर्थिक संकट में वृद्धि हुई है। व्यापारी परेशान है। भाजपा ने जनता को धोखा दिया है। उŸाराखण्ड से पलायन का समाधान नहीं हुआ। बेकारी की शिकार युवा पीढ़ी की ऊर्जा निष्क्रियता के भंवर में है।
       उन्होंने पूछा कि आज दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत कहां खड़ा है? भारत के बाद जो देश आजाद हुए वे आगे चले गए। किसान बदहाल है। किसान को उनके कृषि उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है। उनका भविष्य अंधकार में है।

       अखिलेश  यादव ने बताया कि समाजवादी सरकार के समय उत्तर प्रदेश में सड़कों का निर्माण हुआ। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी शानदार सड़क पर युद्धक विमान तक उतर चुके हैं। मेट्रो रेल चलाई गई। छात्र-छात्राओं को 18 लाख लैपटाॅप बांटे गए। भाजपा ने कई वादे किए लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया। भाजपा राज में 17 महीने बाद भी बेरोजगारी का कोई समाधान नहीं हुआ।

     अखिलेश   यादव ने विश्वास दिलाया कि समाजवादी पार्टी उत्तराखण्ड पर विशेष ध्यान देगी, नए सिरे से सदस्यता भर्ती होगी। समाजवादी पार्टी उत्तराखण्ड की जनता के दुःख दर्दो के संघर्ष में साथ रहेगी। वैसे भी जब  अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तब उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश के बीच के विवादों का त्वरित समाधान हुआ था। दोनों राज्यों के बीच सम्बंध मधुर बने थे। उन्होंने ही बरेली से हलद्वानी को जोड़ने वाली फोर लेन सड़क बनवाई थी और उन्होंने उद्घाटन के बाद स्वयं उस सड़क से चलकर हलद्वानी में पूर्व मुख्यमंत्री  नारायणदत्त तिवारी के जन्मदिन समारोह में हिस्सा लिया था। उन्होंने उस सड़क को तिवारी के नाम पर समर्पित किया था।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी काम करते हैं, भाजपा लोगों को नाकाम करती है। उन्होंने नौजवानों का आह्वान किया कि वे देश और समाज को बचाने के लिए आगे आएं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ लोकतंत्र को बचाने में जुट जाएं।  अखिलेश यादव दो दिन में ही उत्तराखण्ड की राजनीति को नयी दिशा देेने में सफल रहे।

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