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Wednesday, 5 December 2018

कानपुर-कुदरत की दी हुई फ्री ऑक्सीजन नही आ रही समझ -गांधीगिरी कर सदन के बाहर किया प्रदर्शन






ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता









 
देश का नम्बर 1 प्रदूषित शहर में अब प्रतीकात्मक ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ प्रदर्शन करने को बाध्य सामाजिक  संगठन के लोग नगर निगम से स्वच्छ वायु की गारंटी मांग रहे हैं लेकिन नगर निगम की वायु प्रदुषण को लेकर उदासीनता इसी से मालूम की जा सकती है कि अभी भी शहर में बड़े-बड़े कूड़े के अम्बार और धूल भरी सड़कें नगर निगम के अधिकारियों को मुंह चिढ़ा रही हैं। और आज से शुरू हुए नगर निगम सदन के पहले ही दिन बिना किसी मुद्दे के पार्षद और अधिकारी आपस में ही सर फुटौअल करते नज़र आये। जिसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्य गेट के बाहर ही प्रतीकात्मक रूप से ऑक्सिजन सिलिंडर और मुंह मे मास्क लगाकर नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों को फूल देकर गांधीगिरी कर इस समस्या के निदान का अनुरोध किया।

हालत यही रही साथ लेकर घूमना होगा ऑक्सीजन सिलिंडर
 
आपको बता दें कि शहर में बढ़ता वायु प्रदूषण और इस प्रदूषण से अस्पतालों के बढ़ती हुई मरीजो की संख्या इस बात की तरफ इशारा कर रही है कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए ये नगर निगम के अधिकारी बिल्कुल शांत बैठे हुए हैं आज नगर निगम सदन के पहले दिन नगर निगम के मुख्य दरवाजे के बाहर गौरैया बचाओ समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से मुंह मे मास्क लगाकर ऑक्सीजन सिलिंडर और हाथों में फूल लेकर गांधीगिरी करते हुए नगर निगम के अधिकारियों व पार्षदों को फूल देकर प्रदूषण से निपटने का आग्रह किया। सामाजिक कार्यकर्ता गौरव बाजपेई ने बताया कि यह प्रदर्शन का मकसद है कि हम अधिकारियों और जनता को आगाह कर रहे है कि
यदि हम पर्यावरण के प्रति सचेत नही रहेंगे इस तरीके के ऑक्सीजन मास्क हर बच्चे के मुंह पर दिखाई देंगे। ऑक्सिजन बिकने की कगार पर आ गयी है ऑक्सिजन इतनी महंगी होगी कि कुदरत की फ्री में दी हुई आक्सीजन हमे समझ नही आ रही है क्योंकि वायु प्रदूषण इसकदर व्याप्त है कि उसमें कोई परिवर्तन नही दिखाई पड़ रहा। 
 
 
धूल उड़ती रहती जहरीली हवाओ ने अपना डेरा जमा लिया कूड़ा जगह जगह जलता ही रहता है  छोटे छोटे बच्चे इन्हेलर लेकर जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं आज हम सभी ने नगर निगम में प्रतीकात्मक रूप से यह बताया है साथ ही पुष्प देकर बताया है कि आप की जिम्मेदारी है कि हमारे बच्चे या बुजुर्ग सांस के मरीज न बने। तरनजीत दम्पति ने बताया कि आज वायु प्रदूषण से बच्चे, बुजुर्ग की जीवन शैली पर काफी प्रभाव पड़ रहा है बच्चो को पढ़ाई में काफी परेशानियां हो रही है
 
हम सभी को अपना दायित्व को समझते हुए स्वस्थ रहने व पर्यावरण को बचाने के लिए आगे से आगे आकर वृक्षारोपण करना चाहिए साथ ही आसपास पड़ी हुई गन्दगी को खुद भी अपना कर्तव्य समझते हुए साफ रखना चाहिए।

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