VARANSI होम आइसोलेशन में ऑक्सीज़न लेवल पर रखें ध्यान - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Friday, 16 October 2020

VARANSI होम आइसोलेशन में ऑक्सीज़न लेवल पर रखें ध्यान

 कैलाश सिंह विकास वाराणसी

होम आइसोलेशन में ऑक्सीज़न लेवल पर रखें ध्यान

• ऑक्सीज़न का लेवल 95 तक हो तो न हों परेशान 
• ऑक्सीज़न लेवल 90 से 94 हो तो करें डॉक्टर से सम्पर्क 


वाराणसी। कोरोना का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर होता है। ऐसे में मरीजों को जल्दी-जल्दी सांस लेनी पड़ सकती है और थकान महसूस हो सकती है। इसके लिए यह जरूरी है कि अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें और रोजाना सुबह सांस सम्बन्धी व्यायाम करें। *मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह* ने बताया कि ऐसे में होम आइसोलेशन में रहने वालों को समय-समय पर अपने ऑक्सीज़न स्तर की जाँच करते रहना चाहिये। उन्होने बताया कि ऑक्सीज़न का स्तर 95 से अधिक है तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं लेकिन यह 90 से 94 के बीच हो तो तत्काल कोविड कमाण्ड/कंट्रोल सेंटर या चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिये। ऑक्सीज़न लेवल नीचे जाने से परेशानी बढ़ सकती है और अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है।  
*मुख्य चिकित्सा अधिकारी* ने बताया कि कोरोना उपचाराधीन एवं देखभाल करने वाले व्यक्ति नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अगर कोई बदलाव महसूस करें तो तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें । इसके अलावा सीने में लगातार दर्द व भारीपन होना मानसिक भ्रम की स्थिति अथवा सचेत होने में असमर्थता, बोलने में परेशानी, चेहरे या किसी अंग में कमजोरी और होंठों और चेहरे पर नीलापन आने की स्थिति में कोविड कमाण्ड/कंट्रोल सेंटर या चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए। जनपद में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल मिलाकर 32 रेपिड रेस्पान्स टीमें (आरआरटी) भ्रमण कर रही हैं उनका पूर्ण रूप से सहयोग करें। उन्होने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लक्षण विहीन कोविड पॉज़िटिव मरीजों को आवश्यक रूप से एक किट खरीद कर रखना चाहिए जिसमें पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, ग्लब्स, सोडियम हाइपोक्लोराइट साल्यूशन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुएँ तथा आवश्यक दवाएँ शामिल हों।  
*एक नजर आंकड़ों पर -* 
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 13 अक्टूबर 2020 तक जनपद में कुल उपचाराधीनों की संख्या 16022 है। इनमें से 12140 होम आइसोलेशन में उपचाराधीन थे जिसमें 10456 उपचाराधीन ठीक हो चुके हैं जबकि 1435 उपचाराधीन अन्य अस्पतालों में ठीक हुये हैं । जनपद में अभी तक 249 उपचाराधीनों की मृत्यु हुई है। वर्तमान में 1668 एक्टिव केस हैं।  
*देखभाल करने वालों के लिए हाथों की सफाई व मास्क बहुत जरूरी –*
• उपचाराधीन या उसके किसी वस्तु के सम्पर्क में आने के बाद हाथों की सफाई अवश्य करें। 
• भोजन तैयार करने से पहले और बाद में, भोजन करने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथों की सफाई अवश्य करें। 
• हांथ धोने के लिए 20 सेकण्ड तक साबुन-पानी का उपयोग करें या अल्कोहल आधारित हैंड सेनेटाइजर का प्रयोग करें। 
• हांथ धोने के बाद डिस्पोज़ेबल पेपर या निजी तौलिये से हांथों को पोंछकर सुखा लें। 
• घर में बने कॉटन के तीन लेयर वाले मास्क का उपयोग करें।

No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।