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Wednesday, 6 January 2021

VARANSI राज्यपाल ने किया कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर का लोकार्पण

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

राज्यपाल ने किया कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर का लोकार्पण

कृषि तकनीकी व शिक्षा "लैब से लैंड" तक पहुंचाएं - आनंदीबेन पटेल

 रोहनिया- भैरवतालाब में बुधवार को काशी विद्यापीठ के कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर के लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। जिसके दौरान मुख्य अतिथि राज्यपाल ने  शिलापट्ट का अनावरण किया। जिसके दौरान बताया कि वाराणसी में 10 एफपीओ गठित होकर सफलता से संचालित हो रही है। जो किसानों के उत्थान की दिशा में अच्छी पहल है। काशी विद्यापीठ का भैरव तालाब परिसर का केंद्र यहां एफपीओ गठित करने की अगुवाई करें। इसमें केंद्र के छात्र, किसानों से संपर्क व संवाद के कार्य करें। यूनिवर्सिटी, शोध संस्थाओं में विकसित कृषि तकनीकी व शिक्षा लैंब से लैंड तक पहुंचाई जाए। वर्तमान में काशी विद्यापीठ के भैरव तालाब परिसर में प्रति वर्ष 176 छात्र दाखिला ले रहे हैं। इनके घरों पर जमीन होगी उसमें यह छात्र विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान व तकनीकी का प्रयोग अपने अभिभावकों के माध्यम से कराएं और गांव के दूसरे लोगों को भी बताएं।
        उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल में काशी विद्यापीठ के कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर के लोकार्पण समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में व्यक्त किये। उन्होंने इस संकुल को माडल के रूप में कृषि विश्वविद्यालय के सेल के रूप में विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के नाम पर यह विश्वविद्यालय उनकी सोच की फलिभूति करने का माध्यम हो। गांधीजी ग्रामीण विकास के पक्षधर थे। गांव के विकास से देश का विकास होगा। गांव के छोटे-छोटे किसानों को नई तकनीकी सिखाई जाए। कृषि व पशुपालन सबसे ज्यादा रोजगार देती है। आनंदीबेन ने ऑर्गेनिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि उत्पादकता बढ़ाने की होड़ में अंधाधुंध फर्टिलाइजर, केमिकल के प्रयोग से उत्पन्न अनाजों से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने लगी। 25-30 वर्ष पूर्व कंपोस्ट खाद प्रयोग होती थी। अब किसान फिर ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें कम लागत आती है, पहले एक-दो वर्ष के बाद उत्पादन भी अच्छा होने लगता है। पराली जलाने से प्रदूषण होता है, अब सरकार ने इसकी कंपोस्ट बनाने की विधियां किसानों को बताई है। ड्रिप इरिगेशन अच्छी सिंचाई विधि है। सरकार इसमें अनुदान भी देती है। उन्होंने कहा कि अब लड़कियां भी कृषि व पशुपालन के क्षेत्र में आगे आ रही हैं जो बहुत शुभ संकेत है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भैरव तालाब की साफ-सफाई पर जोर देते हुए कहा कि इसमें परिसर स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों को जोड़ें। तालाब धरोहर के साथ बहुत उपयोगी होता है। इसे कूड़ा जमा करने का स्थान नहीं बनाएं। जीवन के लिए शुद्ध हवा, पानी, आहार व शुद्ध विचार की जरूरत है। केंद्र व राज्य सरकार हर घर नल की योजना चला रही है। पर्यावरण के प्रति जागरूक व स्वच्छ भारत मिशन में साफ सफाई के कार्य कर रही है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ू लेकर स्वच्छता का संदेश दिया। गांव का प्रधान सामाजिक कार्यों, विकास कार्यों, जनोपयोगी क्रियाकलापों में सक्रियता से अगुवाई कर ग्रामीण भाइयों को जोड़ें तो गांव चमकेगा। सरकार गरीब ग्रामीण गर्भवती महिलाएं जो आंगनवाड़ी में आती हैं उन्हें अच्छे खान-पान आदि के लिए 5000 रुपये देती है। इसका सदुपयोग हो। महिला, बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य हर परिवार में प्राथमिकता हो। ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला सशक्तिकरण आदि से महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई है और हर क्षेत्र में कार्य करने की उनकी पहल हुई है। यह सशक्त भारत का शुभ संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी मुक्त भारत का आह्वान किया है। योगी सरकार अभियान चलाकर टीवी मरीजों का सर्वे कर चिन्हित करने, उनका इलाज का कार्य कर रही है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति टी एन सिंह ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। राज्यपाल ने विज्ञान सेंटर के लैब आदि कक्ष एवं परिसर का भ्रमण कर अवलोकन किया। इस अवसर पर सेंटर के छात्र एवं भारी संख्या में स्थानीय किसान बंधु उपस्थित थे।

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